सावन में मेहंदी और चूड़ियों के बिना क्यों नहीं होता पूरा श्रृंगार? जानिए वजह

इस मौसम में महिलाएं सजती–संवरती हैं, झूला झूलती हैं और भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा–अर्चना करती हैं।

सावन आते ही हर महिला के हाथों में हरी–हरी कांच की चूड़ियां और गहरी रची मेहंदी क्यों दिखाई देने लगती है?

हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, सावन का पूरा महीना भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन की याद में मनाया जाता है।

अखंड सुहाग का प्रतीक: मेहंदी और चूड़ियां सुहाग के 16 श्रृंगार का सबसे अहम हिस्सा मानी जाती हैं।