बारिश के समय बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, और इस दौरान स्किन संबंधी समस्याएँ भी हो सकती हैं। बारिशी मौसम में स्किन के किसी भी समस्या से बचाव के तरीके और इससे बचने के उपायों पर डॉ. भावुक धीर और डॉ. सरिता संके से जानकारी।

बारिशी मौसम के साथ कई बीमारियाँ भी लाता है। इस मौसम में स्किन संबंधी समस्याएँ भी हो सकती हैं, जैसे कि फंगल इंफेक्शन और एलर्जिक प्रतिक्रियाएँ जो नमी और बारिश के पानी के संपर्क में आने से हो सकती हैं। यदि इन समस्याओं का समय पर उपचार न किया जाए, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। डॉक्टरों ने बारिशी मौसम में होने वाली स्किन संबंधी बीमारियाँ और उनसे बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की है।”

बारिशी मौसम में फंगल इंफेक्शन्स का खतरा काफी बढ़ जाता है। इस समय डर्मेटोफाइट्स और कैंडिडा की संभावना बढ़ जाती है। रिंगवर्म, एथलीट्स फुट, और यीस्ट इंफेक्शन्स जैसी समस्याएँ आम हो जाती हैं। साथ ही, घमौरियां भी हो सकती हैं, जब पसीने की ग्रंथियाँ बंद होने से स्किन के नीचे पसीना रह जाता है और छोटे लाल धब्बे और खुजली का सामना करना पड़ता है। डॉक्टरों ने बारिशी मौसम में स्किन संबंधी समस्याओं के कारण और इससे बचाव के उपायों पर बताव किया है।

बारिश में क्यों होती है स्किन की समस्या

दिल्ली के पीएसआर आई अस्पताल और डर्माडेक्स स्किन क्लीनिक में डॉ. भावुक धीर बताते हैं कि इस मौसम में नमी बढ़ जाती है, जिससे उमस और पसीना भी अधिक बनता है। इस स्थिति में स्किन पर बैक्टीरिया फैल सकते हैं, जिससे खुजली, रैशेज, और विभिन्न स्किन समस्याएँ हो सकती हैं। डॉ. धीर बताते हैं कि इस मौसम में स्किन संबंधी समस्याएँ बढ़ सकती हैं, लेकिन यदि समय पर उनका पता चल जाए और उनका उपचार हो जाए, तो यह समस्याएँ अधिक खतरनाक नहीं बनतीं।

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डॉ. धीर बताते हैं कि इस मौसम में स्किन की बीमारियों से बचाव के लिए आपको कई बातों का ध्यान रखने की जरूरत है। लोगों को सलाह दी जाती है कि खुजली होने पर नाखूनों से स्किन को रगड़ने से बचाएं। खुद से किसी भी दवा या क्रीम का इस्तेमाल न करें और यदि पहले से स्किन में कोई समस्या है, तो डॉक्टर से संपर्क में रहें।ऐसे रखें अपनी स्किन का ध्यान

बचाव कैसे करें

कौशांबी के यशोदा अस्पताल में त्वचाविज्ञान विशेषज्ञ डॉ. सरिता संके बताती हैं कि इस मौसम में गुनगुने पानी और हल्के साबुन से स्नान करना उचित होता है। ढीले-ढाले कपड़े पहनना चाहिए ताकि त्वचा अच्छे से संघटित रहे। संक्रमण से बचने के लिए एंटीफंगल पाउडर या क्रीम का इस्तेमाल करें। त्वचा को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आहार लें। अगर किसी भी प्रकार की परेशानी हो तो डॉक्टर से सलाह लें।