अनुष्का और विराट : दोस्तों, आज सोशल मीडिया पर एक वीडियो आग की तरह फैल रहा है। जब भी क्रिकेट की दुनिया का ‘किंग’ और बॉलीवुड की ‘क्वीन’ एक साथ नज़र आते हैं, तो खबर बनना लाज़मी है, लेकिन इस बार मामला किसी नई फिल्म या मैच का नहीं, बल्कि एक बेहद निजी और पवित्र मुलाकात का है। जी हां, हम बात कर रहे हैं सबकी चहेती जोड़ी अनुष्का और विराट कोहली की, जो एक बार फिर वृंदावन में राधा रानी के परम भक्त श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के चरणों में बैठे दिखाई दिए।
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सोचिए, एक तरफ वो शख्स है जिसने क्रिकेट की दुनिया में लगभग हर रिकॉर्ड अपने नाम किया है, जिसके नाम की गूंज पूरी दुनिया में है। दूसरी तरफ वो अभिनेत्री है जो अपनी शर्तों पर काम करती है, जिसने करोड़ों दिलों पर राज किया है। इन दोनों के पास दुनिया का सारा वैभव है, नाम है, शोहरत है… लेकिन फिर भी, ये दोनों हाथ जोड़े, आंखों में आंसू लिए, ज़मीन पर बैठे हैं। यही दृश्य पूरे देश को चौंका रहा है और उन्हें यह सोचने पर मजबूर कर रहा है कि आखिर इतने बड़े स्टार्स को किस चीज़ की तलाश है? यह सिर्फ एक मुलाकात नहीं है, यह एक आध्यात्मिक क्रांति का संकेत है, जो दुनिया को बता रहा है कि दौलत और शोहरत से कहीं ज़्यादा ज़रूरी मन की शांति और ईश्वर का प्रेम है।
अनुष्का और विराट की वृंदावन यात्रा: क्यों फिर चर्चा में है ये मुलाकात?
यह जोड़ी पहली बार वृंदावन नहीं आई है। इससे पहले जनवरी 2023 में भी वे प्रेमानंद जी महाराज का आशीर्वाद लेने पहुंचे थे, और इसी साल (मई 2025) में एक बार फिर, विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के ठीक बाद, यह कपल वृंदावन धाम पहुंचा। इस बार की मुलाकात इसलिए भी खास रही, क्योंकि पहली बार उनके दोनों बच्चे, बेटी वामिका और बेटा अकाय भी उनके साथ थे।
भक्ति में डूबे ‘विरुष्का’ का वायरल वीडियो
जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, उसमें अनुष्का और विराट को एक आम भक्त की तरह, ज़मीन पर बैठे देखा जा सकता है। विराट कोहली सफेद रंग की धोती और टी-शर्ट में हैं, जबकि अनुष्का शर्मा भी हल्के रंग के कपड़े में पूरी तरह भक्ति भाव में लीन नज़र आ रही हैं। उनके चेहरे पर किसी स्टार का घमंड नहीं, बल्कि एक शिष्य की विनम्रता और शांति दिख रही है। अनुष्का अपने छोटे बेटे अकाय को संभालने के साथ-साथ महाराज जी की बातों को पूरी एकाग्रता से सुन रही हैं। उनके हाथ श्रद्धा से जुड़े हैं, और उनकी आंखें महाराज जी के शब्दों में छिपे गहरे अर्थ को तलाश रही हैं।
इस वीडियो में जो सबसे भावुक पल है, वह है अनुष्का शर्मा का महाराज जी से सवाल पूछना और विराट कोहली का सिर्फ मुस्कुराकर सिर हिलाना। यह दृश्य किसी भी भक्त के दिल को छू लेता है और दिखाता है कि जीवन की सबसे बड़ी दौलत भौतिक सुख-सुविधाएं नहीं, बल्कि आंतरिक शांति है।
प्रेमानंद जी महाराज का वह ‘गुरुमंत्र’ जिसने अनुष्का और विराट को भावुक कर दिया
मुलाकात के दौरान, अनुष्का और विराट दोनों ही महाराज जी से ‘एकान्तिक वार्तालाप’ (निजी बातचीत) करते हुए दिखाई दिए। अनुष्का ने महाराज जी से वह सवाल पूछा, जो शायद हर इंसान के मन में होता है— इतनी भाग-दौड़ के बाद शांति कैसे मिलेगी?
अनुष्का का सवाल: “बाबा, क्या नाम जप से हो जाएगा?”
जब अनुष्का और विराट ने अपनी भक्ति और जिज्ञासा प्रकट की, तो अनुष्का ने भावुक होते हुए महाराज जी से पूछा: “बाबा, क्या नाम जप से हो जाएगा?” उनका मतलब था कि क्या सिर्फ भगवान का नाम जपने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाएंगे और परम शांति मिल जाएगी?
महाराज जी ने बड़े प्रेम से अनुष्का को आश्वासन दिया और कहा, “पूरी तरह हो जाएगा। मैं यह अपने जीवन के अनुभव से कह रहा हूं।” उन्होंने आगे समझाया कि भक्ति योग सबसे सरल और सबसे सीधा मार्ग है। यह जवाब सुन अनुष्का और विराट दोनों की आंखों में एक नई चमक और विश्वास दिखाई दिया।
महाराज जी की ‘कृपा’ की परिभाषा: वैभव नहीं, चिंतन का बदलना
महाराज जी ने इस दौरान जीवन का एक ऐसा गूढ़ रहस्य बताया, जिसे सुनकर हर कोई अचंभित रह गया। उन्होंने अनुष्का और विराट से कहा कि दुनिया में जो वैभव, नाम और यश मिलता है, उसे ईश्वर की ‘कृपा’ मत मानो, क्योंकि यह तो आपके पिछले जन्मों के ‘पुण्य’ का परिणाम है।
महाराज जी ने कहा:
- “यह समृद्धि केवल कृपा नहीं है, यह पुण्य का परिणाम है। आपने देखा होगा कि गलत काम करने वालों को भी वैभव मिलता है। ये उनका किसी जन्म का कोई पुण्य है। इसलिए वैभव या यश को कृपा न मानें।”
- “बल्कि कृपा तब होती है जब अंदर का चिंतन बदलता है। ईश्वर की ओर सच्ची गति तब होती है जब भीतर का विचार बदलना शुरू होता है। प्रभु हमें परम शांति का मार्ग दिखाते हैं।”
महाराज जी ने अनुष्का और विराट को दुनिया में पूरी तरह से जीने की सलाह दी, लेकिन ‘पहचान की इच्छा’ के बिना। उन्होंने कहा कि प्रार्थना करें, ‘भगवान, मैंने कई जीवन जीए हैं, अब मैं केवल आपकी तलाश करता हूं।’
अनुष्का और विराट: सफलता के शिखर पर अध्यात्म की तलाश
यह बात किसी से छुपी नहीं है कि विराट कोहली अपने करियर के सबसे मुश्किल दौर से गुज़रे हैं। जब उनके बल्ले से रन नहीं बन रहे थे, जब आलोचक उन पर सवाल उठा रहे थे, तब उन्हें सहारा मिला इसी आध्यात्म से।
करियर के मुश्किल दौर में विराट को मिला था सहारा
2023 की शुरुआत में, जब विराट कोहली अपने करियर के एक लो फेज से गुज़र रहे थे, तब उन्होंने प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात की थी। महाराज जी ने उन्हें सांत्वना दी और एक अद्भुत सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि जिस तरह जप मेरे लिए साधना है, उसी तरह क्रिकेट आपके लिए साधना है। उन्होंने विराट को निरंतर अभ्यास करते रहने और मन को नियंत्रण में रखने का गुरुमंत्र दिया। इस मुलाकात के बाद, दुनिया ने विराट कोहली में एक अविश्वसनीय परिवर्तन देखा। उन्होंने न सिर्फ घरेलू मैदान पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी धमाकेदार वापसी की। फैंस अक्सर इस बदलाव को महाराज जी के आशीर्वाद से जोड़कर देखते हैं।
अनुष्का शर्मा का भक्ति भाव: ‘भक्त बन गया पूरा परिवार’
महाराज जी ने इस मुलाकात के दौरान अनुष्का शर्मा की भक्ति की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि अनुष्का और विराट जैसे महान सफलता प्राप्त करने के बाद भी, उनका भक्ति की ओर मुड़ना एक बहादुरी का काम है।
- महाराज जी ने कहा: “ये लोग बहुत बहादुर हैं। दुनिया में इतनी शोहरत हासिल करने के बाद भी भगवान के प्रति समर्पित हो जाना बहुत मुश्किल काम है।”
- उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि अनुष्का का भक्ति भाव विराट कोहली के आध्यात्मिक जीवन पर भी सकारात्मक असर डालता है।
अनुष्का खुद बता चुकी हैं कि वह घर पर लगातार प्रेमानंद जी महाराज के सत्संग सुनती रहती हैं। उनका कहना था कि पिछली बार जब वह आईं थीं, तो उनके मन में कुछ सवाल थे, लेकिन उन्होंने देखा कि वहां बैठे किसी और भक्त ने वही सवाल पूछ लिया। उन्होंने कहा कि इस बार भी जब वह आने की सोच रही थीं, तो उनके मन में जो सवाल आए, अगले ही दिन महाराज जी के ‘एकान्तिक वार्तालाप’ में कोई न कोई वही सवाल पूछ रहा था। इस घटना से पता चलता है कि यह कपल महाराज जी से कितना गहरा जुड़ाव महसूस करता है।
1000 शब्दों से भी ज़्यादा: इस मुलाकात की गहराई और असर
इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि दौलत और शोहरत की दुनिया में रहने के बावजूद, अनुष्का और विराट की जड़ें आज भी भारतीय संस्कृति और अध्यात्म से जुड़ी हुई हैं। उनकी यह यात्रा करोड़ों लोगों को प्रेरित कर रही है।
महाराज जी ने अपने सत्संग में बार-बार इस बात पर ज़ोर दिया कि असली खुशी बाहर की दुनिया में नहीं, बल्कि अपने भीतर की दुनिया में मिलती है। उनका मानना है कि जीवन में जब भी ‘विपरीतता’ या ‘कठिनाई’ आए, तो समझो कि ईश्वर की कृपा हो रही है। उन्होंने कहा: “जब भगवान कृपा करते हैं, तो संत समागम देते हैं। इसके अलावा वो विपरीतता देते हैं। जीवन में प्रतिकूलता देते हैं। अगर आपको जीवन में प्रतिकूलता दिखे तो समझ जाइए कि ईश्वर की कृपा हो रही है।”
महाराज जी का यह संदेश अनुष्का और विराट के लिए ही नहीं, बल्कि हम सबके लिए है। सफलता में तो हर कोई साथ देता है, लेकिन असफलता में धैर्य रखना ही सच्ची भक्ति और साधना है। विराट कोहली के लिए क्रिकेट उनका ‘जप’ है, उनकी ‘साधना’ है, जिससे न सिर्फ उन्हें, बल्कि पूरे देश को खुशी मिलती है।
इस मुलाकात का सबसे बड़ा takeaway यही है कि जीवन में चाहे कितनी भी ऊंचाई मिल जाए, अपने आप को ज़मीन से जोड़े रखना ज़रूरी है। अनुष्का और विराट का महाराज जी के सामने ज़मीन पर बैठना, उनसे सहजता से सवाल पूछना, और आंखों में आंसू लाना, उनकी विनम्रता और आंतरिक संघर्ष को दिखाता है। यह संघर्ष उस हर व्यक्ति का है, जो दुनिया में रहते हुए भी परम सत्य की तलाश कर रहा है।
विरुष्का की विनम्रता और बच्चों पर असर
इस बार की यात्रा में वामिका और अकाय की मौजूदगी भी काफी महत्वपूर्ण है। यह दिखाता है कि यह कपल अपने बच्चों को भी छोटी उम्र से ही भारतीय संस्कृति, संस्कार और आध्यात्म की शिक्षा देना चाहता है। नन्हे अकाय को संभालते हुए अनुष्का का महाराज जी की बातों पर ध्यान देना, हर माँ के लिए एक प्रेरणा है कि कैसे व्यस्तता के बावजूद जीवन में आध्यात्म के लिए समय निकाला जा सकता है।
महाराज जी ने विराट से पूछा: “प्रसन्न हो?” विराट ने मुस्कुराते हुए सिर हिलाकर ‘हां’ कहा। यह छोटा सा संवाद बताता है कि सफलता, धन, या प्रसिद्धि से ‘खुशी’ नहीं आती, ‘प्रसन्नता’ आती है आंतरिक शांति से।
आज के दौर में जब सब कुछ डिजिटल हो रहा है, यहां तक कि जप करने के लिए भी डिजिटल माला (पिंक डिवाइस) की चर्चा हो रही है, अनुष्का और विराट की यह सनातन यात्रा हमें याद दिलाती है कि असली साधना मोबाइल या स्क्रीन पर नहीं, बल्कि मन की एकाग्रता और नाम जप में है।
निष्कर्ष: प्रेम, भक्ति और विनम्रता की मिसाल हैं अनुष्का और विराट
अनुष्का और विराट की यह वृंदावन यात्रा, और प्रेमानंद जी महाराज से हुई यह भावुक मुलाकात, आज लाखों लोगों के लिए एक सबक है। यह हमें सिखाती है कि जीवन के हर दौर में, चाहे आप सफलता के शिखर पर हों या चुनौतियों से जूझ रहे हों, आपको अपने भीतर के सत्य की तलाश कभी नहीं छोड़नी चाहिए। अनुष्का का प्रेम-भक्ति मांगने का आग्रह और महाराज जी का उन्हें नाम जप से सब कुछ पूरा होने का आश्वासन, हमें यह विश्वास दिलाता है कि भक्ति का मार्ग ही सबसे सच्चा और सरल है। ये सेलिब्रिटी कपल सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि सही मायने में जीवन जीने का ‘गुरुमंत्र’ भी दे रहे हैं। जय श्री राधा।