गुब्बारे को सिर पर रगड़कर धीरे से ऊपर उठाइए, या सर्दियों में ऊनी टोपी उतारिए, और बाल अचानक खड़े हो जाते हैं। इसके पीछे कोई जादू नहीं, स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी है। रगड़ने से इलेक्ट्रॉन एक चीज़ से दूसरी पर चले जाते हैं, हर बाल पर एक जैसा चार्ज आ जाता है, और एक जैसे चार्ज एक-दूसरे को दूर धकेलते हैं। बाल बहुत हल्के होते हैं, इसलिए वे अलग-अलग दिशाओं में फैल जाते हैं।

स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी क्या है?

हर चीज़ में धनात्मक और ऋणात्मक आवेश (चार्ज) होते हैं, जो आमतौर पर बराबर रहते हैं, इसलिए चीज़ें “न्यूट्रल” रहती हैं। जब दो चीज़ें आपस में रगड़ खाती हैं, तो इलेक्ट्रॉन नाम के ऋणात्मक कण एक सतह से निकलकर दूसरी पर पहुंच सकते हैं। एक चीज़ पर इलेक्ट्रॉन ज्यादा हो जाते हैं और दूसरी पर कम। यही असंतुलन स्टैटिक चार्ज है। रगड़ से बनने वाले इस असर को वैज्ञानिक ट्राइबोइलेक्ट्रिक प्रभाव कहते हैं।

यह शब्द यूनानी भाषा से आया है, जिसमें “ट्राइबो” का अर्थ रगड़ना है और “इलेक्ट्रिक” शब्द एम्बर (रेज़िन से बना पीला पदार्थ) के यूनानी नाम से जुड़ा है। प्राचीन यूनान में लोग देख चुके थे कि फर से रगड़ने पर एम्बर हल्की चीज़ों, जैसे पंख या सूखी घास को अपनी ओर खींच लेता है। IFLScience के अनुसार, अरस्तू ने इस खोज का श्रेय थेल्स (लगभग 640 से 546 ईसा पूर्व) को दिया था।

गुब्बारे वाला प्रयोग: चरण-दर-चरण

  1. रगड़ना: गुब्बारा बालों पर रगड़ने पर इलेक्ट्रॉन बालों से निकलकर गुब्बारे पर चले जाते हैं।
  2. चार्ज बनना: गुब्बारे पर इलेक्ट्रॉन ज्यादा हो जाते हैं, तो वह ऋणात्मक हो जाता है। बाल इलेक्ट्रॉन खो देते हैं, तो उन पर धनात्मक चार्ज आ जाता है। (NSTA और Science World)
  3. खिंचाव: विपरीत चार्ज एक-दूसरे को खींचते हैं, इसलिए गुब्बारा धीरे-धीरे दूर करने पर बाल उसकी ओर खिंचते दिखते हैं।
  4. बालों का फैलना: अब सभी बालों पर एक ही तरह का चार्ज है। एक जैसे चार्ज एक-दूसरे को दूर धकेलते हैं, इसलिए हर बाल बाकी बालों से दूर जाने की कोशिश करता है और बाल फैल जाते हैं या खड़े हो जाते हैं।

बाल ही क्यों, बाकी चीज़ें क्यों नहीं?

कारण सीधा है: बाल पतले और हल्के होते हैं। एक जैसे चार्ज का धक्का बहुत बड़ा नहीं होता, पर इतना हल्का तंतु उसे महसूस करके हिल जाता है। भारी चीज़ पर वही धक्का लगे तो उसे हिलता हुआ दिखना मुश्किल है।

स्वेटर या ऊनी टोपी उतारने पर क्या होता है?

सिद्धांत वही है। टोपी या स्वेटर और बालों की रगड़ से इलेक्ट्रॉन किसी तरफ चले जाते हैं और बालों पर एक जैसा चार्ज आ जाता है। हालांकि इलेक्ट्रॉन किस दिशा में जाएंगे, यह चीज़ों की किस्म पर निर्भर करता है। चार्ज की ताकत और ध्रुवता सामग्री, सतह की खुरदरापन, तापमान और खिंचाव जैसी बातों से बदलती है। इसलिए हर बार यह कहना ठीक नहीं कि बाल “धनात्मक” ही होते हैं।

सर्दियों में यह ज्यादा क्यों होता है?

असली खलनायक सूखी हवा है। नमी वाले मौसम में सतहों पर पानी की बहुत पतली, अदृश्य परत जमी रहती है। यह परत चार्ज के बहने का रास्ता बन जाती है और बना हुआ चार्ज धीरे-धीरे निकल जाता है। जब हवा सूखी होती है, यह परत नहीं बनती, चार्ज वहीं टिका रहता है और झटके या खड़े बाल दिखते हैं (University of Kentucky)।

सर्दियों में बाहर की ठंडी हवा में पानी की मात्रा बहुत कम होती है। उसी हवा को घर में गर्म करने से उसमें पानी की मात्रा नहीं बढ़ती, इसलिए घर के अंदर की हवा बहुत सूखी हो जाती है। यही कारण है कि दरवाज़े के हैंडल पर झटका और स्वेटर उतारते समय बालों का उड़ना सर्दियों में ज्यादा दिखता है। एक ह्यूमिडिफिकेशन कंपनी (Condair) की गाइडेंस के अनुसार, कमरे में नमी लगभग 40% से नीचे जाने पर स्टैटिक की संभावना बढ़ती है, और 40 से 60% के बीच रखने से मदद मिलती है। यह उद्योग-मार्गदर्शन है, किसी सरकारी मानक का दावा नहीं।

विज्ञान संग्रहालय की मशीन भी यही करती है

संग्रहालयों में Van de Graaff जनरेटर नाम की मशीन होती है, जिसकी धातु की गेंद छूने वाले के बाल खड़े हो जाते हैं। यहां मशीन शरीर और बालों को चार्ज करती है, हर बाल पर एक जैसा चार्ज आता है और वही विकर्षण बालों को फैला देता है। यह प्रदर्शन प्रशिक्षित लोगों की निगरानी में, सही व्यवस्था के साथ किया जाता है, इसलिए इसे घर पर आजमाने की कोशिश न करें।

क्या यह खतरनाक है?

आम स्टैटिक झटके में वोल्टेज हजारों वोल्ट तक हो सकता है, लेकिन उसमें ऊर्जा बहुत कम होती है (University of Kentucky)। इसलिए रोजमर्रा में यह परेशान करने वाला तो है, पर आमतौर पर खतरनाक नहीं।

वैज्ञानिक अब भी क्या नहीं जानते?

मामला सीधा दिखता है, पर शोध जारी है। Scientific American की रिपोर्ट के अनुसार, स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी सदियों से वैज्ञानिकों को उलझाती रही है। कुछ प्रयोगों में पाया गया कि कुछ सामग्रियों का चार्ज उनके पिछले संपर्कों के इतिहास पर निर्भर कर सकता है। Northwestern University के शोध के अनुसार, रगड़ने पर सतह के सूक्ष्म उभार मुड़ते हैं और इससे वोल्टेज पैदा होकर चार्ज का स्थानांतरण होता है। यानी स्कूल की किताब वाला सरल चित्र सही दिशा बताता है, पर पूरी कहानी अभी पूरी तरह लिखी नहीं गई।

घर पर आजमाइए

  • गुब्बारा और बाल: फुले हुए गुब्बारे को सूखे बालों पर रगड़िए और फिर उसे धीरे-धीरे दूर ले जाइए। बाल गुब्बारे की ओर खिंचेंगे।
  • गुब्बारा और दीवार: रगड़े हुए गुब्बारे को दीवार से छुआइए। विपरीत चार्ज की वजह से वह कुछ देर चिपका रह सकता है। मौसम बहुत नम हो तो असर कम दिखेगा।

बालों में स्टैटिक कम करने के आसान उपाय

ये सुझाव ऊपर बताए सिद्धांत से निकले सामान्य उपाय हैं, किसी क्लिनिकल अध्ययन पर आधारित नहीं:

  • कमरे में थोड़ी नमी रखें: ह्यूमिडिफायर जैसा साधन हवा में नमी बढ़ाकर चार्ज को बहने का रास्ता देता है।
  • ज्यादा रगड़ से बचें: ऊनी या सिंथेटिक टोपी और स्कार्फ उतारते समय जल्दबाज़ी न करें।
  • बालों में नमी बनाए रखें: सूखे बाल चार्ज को रोककर रखते हैं, इसलिए कंडीशनर जैसी चीज़ से बालों को नम रखना मदद कर सकता है। यह सामान्य अनुभव पर आधारित सुझाव है, सत्यापित वैज्ञानिक दावा नहीं।

निष्कर्ष

बाल खड़े होने का कारण एक वाक्य में: रगड़ से इलेक्ट्रॉन इधर से उधर होते हैं, बालों पर एक जैसा चार्ज आता है, और एक जैसे चार्ज एक-दूसरे को दूर धकेलते हैं। सर्दियों की सूखी हवा इसे और साफ दिखाती है। इसलिए अगली बार स्वेटर उतारते समय बाल उड़ें, तो समझ जाइएगा कि यह चार्ज का खेल है।

स्रोत: Northwestern University · NSTA · Science World · University of Kentucky · Scientific American · IFLScience · Condair


SECTION 8 — FAQ

1. बाल खड़े क्यों हो जाते हैं?

रगड़ने से बालों पर एक जैसा चार्ज आ जाता है। एक जैसे चार्ज एक-दूसरे को दूर धकेलते हैं, इसलिए बाल फैल जाते हैं।

2. स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी सर्दियों में ज्यादा क्यों लगती है?

सूखी हवा में सतहों पर पानी की वह पतली परत नहीं बनती जो चार्ज को बहा देती है। सर्दियों में घर के अंदर की हवा आमतौर पर सूखी होती है।

3. क्या स्टैटिक झटका नुकसान पहुंचाता है?

आमतौर पर नहीं। वोल्टेज हजारों वोल्ट तक हो सकता है, पर ऊर्जा बहुत कम होती है।

4. क्या बाल हमेशा धनात्मक चार्ज होते हैं?

नहीं। गुब्बारे के साथ बाल इलेक्ट्रॉन खोकर धनात्मक होते हैं, पर किस चीज़ के साथ रगड़ हुई है, उसके हिसाब से चार्ज की दिशा बदल सकती है।