Naagin 7 :  स्वागत है आप सभी का हमारे आज के गरमा-गरम ब्लॉग में। अगर आप टीवी सीरियल्स के शौकीन हैं, तो ‘नागिन’ नाम सुनते ही आपके कान खड़े हो जाते होंगे। एकता कपूर का यह सुपरनैचुरल ड्रामा सालों से दर्शकों के दिलों पर राज कर रहा है। लेकिन फिलहाल चर्चा Naagin 7 की हो रही है।

अजीब बात यह है कि एक तरफ तो Naagin 7 टीआरपी चार्ट्स पर तहलका मचा रहा है, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर इसे बुरी तरह ट्रोल किया जा रहा है। फैंस इतने नाराज हैं कि वे सीधे एकता कपूर को टैग करके कह रहे हैं— “मैडम, जनता को बेवकूफ बनाना बंद कीजिए!”

आखिर ऐसा क्या हो गया कि प्रियंका चहर चौधरी जैसे बड़े नाम के होने के बावजूद शो को आलोचना झेलनी पड़ रही है? चलिए, इस मिस्ट्री को सुलझाते हैं।

1. टीआरपी में जबरदस्त, पर ट्विटर पर क्यों ‘फ्लॉप’?

जैसे ही Naagin 7 ने परदे पर दस्तक दी, यह देखते ही देखते टीआरपी (TRP) की रेस में टॉप 5 में शामिल हो गया। लोग प्रियंका चहर चौधरी (Priyanka Chahar Choudhary) और ईशा सिंह के लुक्स को पसंद कर रहे थे। लेकिन जैसे-जैसे एपिसोड आगे बढ़े, दर्शकों का मोहभंग होने लगा। सोशल मीडिया, खासकर एक्स (X) और इंस्टाग्राम पर मीम्स की बाढ़ आ गई है।

फैंस का कहना है कि कहानी में लॉजिक नाम की कोई चीज नहीं बची है। जहां पहले सीजन्स में एक सस्पेंस होता था, वहां अब सब कुछ बहुत जल्दी-जल्दी और बिना किसी तालमेल के दिखाया जा रहा है।

2. AI का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल: फैंस को रास नहीं आ रहा ‘डिजिटल तड़का’

इस सीजन में एकता कपूर ने एक नई तकनीक का इस्तेमाल किया— AI (Artificial Intelligence)। हाल ही के एक एपिसोड में पुरानी नागिनों (जैसे मौनी रॉय, तेजस्वी प्रकाश और सुरभि ज्योति) को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके AI अवतार दिखाए गए।

  • फैंस का रिएक्शन: दर्शकों को यह ‘AI ट्रिब्यूट’ बिल्कुल पसंद नहीं आया। लोगों ने इसे ‘सस्ता VFX’ और ‘बजट की कमी’ करार दिया।
  • ट्रोलिंग का कारण: एक यूजर ने लिखा, “अगर पुरानी नागिनों को लाना ही था, तो उन्हें सच में बुलाते, ये कार्टून जैसे दिखने वाले AI चेहरे क्यों दिखा रहे हो?”
  • डिजिटल खिलवाड़: फैंस का मानना है कि AI के चक्कर में शो की नैचुरलिटी खत्म हो रही है। कलाकारों की मेहनत पर ये कंप्यूटर जनरेटेड ग्राफिक्स पानी फेर रहे हैं।

3. ड्रैगन बनाम नागिन: ‘ये क्या देख लिया भाई!’

Naagin 7 के हालिया एपिसोड में एक ड्रैगन की एंट्री दिखाई गई। अब आप ही सोचिए, नागिन की कहानी में ड्रैगन? फैंस का दिमाग चकरा गया।

  • कमजोर ग्राफिक्स: ड्रैगन और नागिन की लड़ाई के दृश्य इतने बचकाने थे कि लोगों ने इसे ’90 के दशक के वीडियो गेम्स’ से तुलना कर दी।
  • कहानी से भटकाव: नागिन सीरीज हमेशा से पुरानी मान्यताओं और बदले की कहानी पर आधारित रही है। अचानक इसमें हॉलीवुड स्टाइल का ड्रैगन घुसा देना दर्शकों को हजम नहीं हुआ।

4. कहानी में अचानक बदलाव (Storyline Shifting)

शुरुआत में दिखाया गया कि कहानी कुंभ मेले और देश को बचाने के मिशन के इर्द-गिर्द घूमेगी। लेकिन मेकर्स ने इसे इतनी जल्दी मोड़ दिया कि दर्शक कंफ्यूज हो गए।

  • तेज रफ्तार या जल्दबाजी? फैंस का कहना है कि ट्विस्ट लाने के चक्कर में बेसिक स्टोरीलाइन को ही नजरअंदाज कर दिया गया।
  • पुराने सीजन्स से तुलना: लोग मौनी रॉय और अदा खान वाले सीजन 1 को याद कर रहे हैं, जहां कहानी धीरे-धीरे और सस्पेंस के साथ खुलती थी। Naagin 7 में ऐसा लग रहा है जैसे सब कुछ बस खत्म करने की जल्दी में है।

5. फैंस की खरी-खरी: “हमें बेवकूफ न समझें”

सोशल मीडिया पर ‘नागिन 7’ को लेकर कुछ ऐसे कमेंट्स वायरल हो रहे हैं जो मेकर्स की नींद उड़ा सकते हैं:

  • “एकता मैम, प्लीज एक्टर्स को एक्टिंग करने दें, उन्हें AI का पुतला न बनाएं।”
  • “TRP आ रही है क्योंकि प्रियंका की फैन फॉलोइंग तगड़ी है, शो की कहानी की वजह से नहीं।”
  • “जनता को बेवकूफ समझना बंद कीजिए, हमें अच्छी क्वालिटी का कंटेंट चाहिए, खराब VFX नहीं।”

क्या प्रियंका चहर चौधरी बचा पाएंगी डूबती नैया?

बेशक प्रियंका चहर चौधरी एक शानदार एक्ट्रेस हैं। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और एक्टिंग स्किल्स पर कोई सवाल नहीं उठा रहा। लेकिन एक शो सिर्फ लीड एक्टर के दम पर ज्यादा दिन नहीं टिक सकता। अगर स्क्रिप्ट कमजोर है और प्रोडक्शन क्वालिटी गिर रही है, तो टीआरपी कभी भी गिर सकती है।

Naagin 7 की टीम के लिए यह एक वेक-अप कॉल है। दर्शकों ने अपनी पसंद-नापसंद साफ कर दी है। अब देखना यह है कि क्या आने वाले एपिसोड्स में एकता कपूर इन गलतियों को सुधारती हैं या फिर शो सिर्फ ट्रोलिंग का शिकार बनकर रह जाएगा।

निष्कर्ष (Conclusion)

इसमें कोई शक नहीं कि Naagin 7 इस वक्त टॉक ऑफ द टाउन है। टीआरपी में नंबर 1 होना इस बात का सबूत है कि लोग इसे देख तो रहे हैं, लेकिन सोशल मीडिया का गुस्सा यह बता रहा है कि वे संतुष्ट नहीं हैं। मेकर्स को तकनीक (AI) और क्रिएटिविटी के बीच एक बैलेंस बनाने की जरूरत है।

आपका इस बारे में क्या सोचना है? क्या आपको Naagin 7 में AI का इस्तेमाल सही लगा? हमें कमेंट्स में जरूर बताएं!