हेमा मालिनी संग लिपलॉक  : बॉलीवुड की गलियां हमेशा से ही किस्सों और कहानियों से भरी रही हैं। कुछ कहानियां पर्दे पर दिख जाती हैं, तो कुछ पर्दे के पीछे ही दफन हो जाती हैं। आज हम आपके लिए एक ऐसा ही अनसुना और चटपटा किस्सा लेकर आए हैं, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे।

बॉलीवुड कीड्रीम गर्लयानी हेमा मालिनी की खूबसूरती का तो हर कोई दीवाना रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक वक्त ऐसा था जब बॉलीवुड के सबसेस्टाइलिश मैनकहे जाने वाले एक्टर उनके साथ एक बोल्ड सीन यानी हेमा मालिनी संग लिपलॉक करना चाहते थे? जी हां, आपने बिल्कुल सही सुना! लेकिन इस कहानी में एक ऐसा ट्विस्ट आया कि वो सीन कभी शूट ही नहीं हो पाया। चलिए, विस्तार से जानते हैं इस दिलचस्प वाकये को।

कौन था वो एक्टर, जिसका था ये अरमान?

हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड केकाउबॉयऔर लेजेंडरी एक्टर फिरोज खान (Feroz Khan) की। फिरोज खान अपनी फिल्मों में बोल्डनेस और स्टाइल के लिए जाने जाते थे। साल 1975 में एक फिल्म आई थीधर्मात्मा यह फिल्म न केवल बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही, बल्कि यह भारत की पहली ऐसी फिल्म थी जिसकी शूटिंग अफगानिस्तान की खूबसूरत वादियों में हुई थी।

फिरोज खान इस फिल्म के प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और लीड एक्टर भी थे। उन्होंने इस फिल्म के लिए हेमा मालिनी को बतौर हीरोइन साइन किया था। फिरोज खान चाहते थे कि फिल्म में हेमा और उनके बीच एक रोमांटिक और इंटेंस सीन हो, जिसमें एककिसयानी लिपलॉक भी शामिल हो।

हेमा मालिनी संग लिपलॉक: क्यों नहीं हो पाया पूरा?

फिरोज खान अपनी फिल्मों में हॉलीवुड जैसा टच देना चाहते थे। उनका मानना था किधर्मात्माकी कहानी और रोमांस की डिमांड के हिसाब से हेमा मालिनी संग लिपलॉक सीन फिल्म में चार चांद लगा देगा। लेकिन उस दौर में हेमा मालिनी की एक छवि थीएक संस्कारी और सादगी पसंद अभिनेत्री की।

  • मां का सख्त पहरा: हेमा मालिनी के करियर के शुरुआती दौर में उनकी मां, जया चक्रवर्ती, हमेशा उनके साथ सेट पर रहती थीं। जया जी अपनी बेटी के फिल्मी किरदारों और उनके पहनावे को लेकर काफी सख्त थीं।
  • स्क्रिप्ट में बदलाव: जब फिरोज खान ने इस बोल्ड सीन का प्रस्ताव रखा, तो हेमा मालिनी ने तो शायद कुछ नहीं कहा, लेकिन उनकी मां को यह बिल्कुल मंजूर नहीं था। जया चक्रवर्ती नहीं चाहती थीं कि उनकी बेटी पर्दे पर किसी भी तरह का अंग प्रदर्शन या किसिंग सीन करे।
  • फिरोज खान की जिद और हार: कहा जाता है कि फिरोज खान ने बहुत कोशिश की, लेकिन हेमा की मां के कड़े रुख के आगे उनकी एक न चली। आखिर में फिरोज खान को अपनी स्क्रिप्ट बदलनी पड़ी और वो अरमान अधूरा ही रह गया।

अफगानिस्तान की वादियों में रोमांस और विवाद

फिल्मधर्मात्माकी शूटिंग के दौरान कई और भी मजेदार किस्से हुए। फिरोज खान चाहते थे कि फिल्म का हर फ्रेमलार्जर देन लाइफदिखे।

  1. लोकेशन का जादू: पहली बार बॉलीवुड ने अफगानिस्तान के नजारों को पर्दे पर उतारा।
  2. हेमा का लुक: हेमा मालिनी इस फिल्म में बेहद खूबसूरत लगी थीं, लेकिन फिरोज खान उन्हें और भी ज्यादाग्लैमरसदिखाना चाहते थे।
  3. मर्यादा की रेखा: हेमा मालिनी ने हमेशा एक लक्ष्मण रेखा खींच कर रखी थी। उन्होंने साफ कर दिया था कि वे फिल्मों में बोल्ड सीन नहीं देंगी। यही वजह है कि फिरोज खान को हेमा मालिनी संग लिपलॉक का विचार त्यागना पड़ा।

क्या हेमा मालिनी ने कभी पर्दे पर कियाकिस‘?

अगर हम हेमा मालिनी के पूरे करियर को देखें, तो उन्होंने शायद ही कभी पर्दे पर कोई बेहद बोल्ड सीन दिया हो। वो अपनी गरिमा औरड्रीम गर्लवाली इमेज को लेकर बहुत सचेत थीं। हालांकि, फिरोज खान के साथ उनकी केमिस्ट्रीधर्मात्माके गानों (जैसेक्या खूब लगती हो‘) में जबरदस्त दिखी, लेकिन वोलिपलॉककभी हकीकत नहीं बन पाया।

आज के दौर में ऐसी पाबंदियां?

आज के दौर में फिल्मों में किसिंग सीन या लिपलॉक एक आम बात हो गई है। लेकिन 70 के दशक में यह एक बहुत बड़ी बात होती थी। हेमा मालिनी जैसी टॉप एक्ट्रेस के लिए अपनी इमेज बनाए रखना बहुत जरूरी था।

हेमा मालिनी संग लिपलॉक न होने के पीछे कहीं न कहीं उस दौर की सादगी और पारिवारिक वैल्यूज भी थीं। आज भले ही दर्शक ओटीटी पर कुछ भी देख लेते हों, लेकिन उस दौर में परिवारों के साथ सिनेमा देखना एक अलग अनुभव होता था।

निष्कर्ष

फिरोज खान और हेमा मालिनी कीधर्मात्माआज भी एक क्लासिक मानी जाती है। फिरोज खान का वो अधूरा अरमान भले ही पूरा न हुआ हो, लेकिन फिल्म के गाने और उनकी एक्टिंग ने लोगों का दिल जीत लिया। यह किस्सा हमें याद दिलाता है कि बॉलीवुड के सुनहरे दौर में भी अपनी सीमाओं और उसूलों की कितनी अहमियत थी।

तो दोस्तों, कैसा लगा आपको बॉलीवुड का यह अनसुना किस्सा? क्या आपको लगता है कि अगर वो लिपलॉक सीन होता, तो फिल्म और भी बड़ी हिट होती? हमें कमेंट्स में जरूर बताएं!