जापान के आइची-नागोया में हुए एशियन गेम्स 2026 में भारत ने 85 मेडल के साथ अपना अभियान खत्म किया। इनमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल हैं। भारत मेडल तालिका में चौथे स्थान पर रहा।

आखिरी दिन भारत ने नौ मेडल जीते, जिनमें पांच गोल्ड थे। इसी जीत ने भारत को चौथे नंबर पर पहुंचाया।

भारत का फाइनल मेडल टैली

मेडल संख्या
🥇 गोल्ड 21
🥈 सिल्वर 27
🥉 ब्रॉन्ज 37
कुल 85

उज़्बेकिस्तान के भी 21 गोल्ड थे, लेकिन भारत के सिल्वर ज्यादा रहे। इसलिए भारत उससे आगे रहा। तालिका में चीन पहले, जापान दूसरे और दक्षिण कोरिया तीसरे नंबर पर रहा।

5 यादगार पल

1. क्रिकेट में लगातार दूसरा गोल्ड

भारतीय पुरुष टीम ने फाइनल में पाकिस्तान को 19 रनों से हराकर अपना खिताब बचाया। वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल और शिवम दुबे ने दो-दो विकेट लिए। महिला टीम ने भी फाइनल में श्रीलंका को 147 रनों से हराकर जीता गोल्ड ।

2. हॉकी में गोल्ड, और ओलंपिक का टिकट भी

पुरुष हॉकी टीम ने फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराया। इस जीत से टीम ने लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया।

3. गोल्फ में पहली बार

प्रणवी उर्स एशियन गेम्स में व्यक्तिगत गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उन्होंने अदिति अशोक और दीक्षा डागर के साथ टीम इवेंट में सिल्वर भी जीता।

4. शूटिंग और तीरंदाजी में रिकॉर्ड

  • सुरुचि सिंह और कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम में 484.6 का एशियाई रिकॉर्ड बनाकर गोल्ड जीता।
  • नीरू ढांडा ने महिला ट्रैप में 30 में से 28 निशाने लगाए और गोल्ड जीता। वे यह उपलब्धि पाने वाली पहली भारतीय महिला हैं।
  • कुमकुम अनिल मोहोड रिकर्व में व्यक्तिगत गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।

5. MMA में पहला मेडल

इस बार एशियन गेम्स में पहली बार MMA शामिल हुआ। सुचिका तारियाल ने महिला 60 किलो वर्ग में ब्रॉन्ज जीता। यह एशियन गेम्स में MMA का भारत का पहला मेडल है।

कहां रह गई कमी?

एथलेटिक्स, शूटिंग और बैडमिंटन में उम्मीद से कम गोल्ड आए। शूटिंग को सबसे बड़ी निराशा बताया गया। कुल मेडल भी पिछले एशियन गेम्स (हांगझोउ) के रिकॉर्ड से कम रहे।

आगे क्या?

अगले एशियन गेम्स 2030 में दोहा में होंगे। खिलाड़ियों की नजर अब ओलंपिक क्वालीफिकेशन पर रहेगी।

स्रोत: Outlook India, Olympics.com, Sunday Guardian