30 days without roti and rice : रोटी और चावल भारतीय खानपान का अहम हिस्सा हैं। इनके बिना हमारी थाली अधूरी सी लगती है। लेकिन अगर 30 दिनों तक रोटी और चावल बिल्कुल न खाए जाएं तो क्या होगा? आइए इसे एक्सपर्ट से समझते हैं।
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फिटनेस को लेकर आजकल लोग पहले से ज्यादा जागरूक हो गए हैं। फिट रहने के लिए लोग न सिर्फ वर्कआउट कर रहे हैं बल्कि डाइट पर भी खास ध्यान दे रहे हैं। इसी बीच फिटनेस की दुनिया में एक नया ट्रेंड सामने आया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि अगर आप एक महीने के लिए रोटी और चावल पूरी तरह छोड़ दें तो आपके शरीर में कई बदलाव आ सकते हैं।
लेकिन सवाल ये है कि क्या ये महज एक ट्रेंड है या इसके पीछे कोई सच्चाई भी है? क्योंकि भारतीय भोजन में रोटी और चावल का अहम स्थान है, और इनके बिना ज्यादातर लोगों का भोजन अधूरा माना जाता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि क्या वास्तव में एक महीना इन दोनों को डाइट से हटाना सही है या नहीं? इस बारे में हमने डायटिशियन सुरभि पारीक से बातचीत की। आइए जानते हैं इस ट्रेंड पर उनका क्या कहना है।
30 days without roti and rice : क्या कहती हैं एक्सपर्ट?
जयपुर की क्लीनिकल डायटिशियन सुरभि पारीक का कहना है कि 30 दिनों तक पूरी तरह रोटी और चावल छोड़कर सिर्फ सब्जियों या फलों पर निर्भर रहना संभव नहीं है। रोटी न खाने से शरीर में ऊर्जा की कमी होने लगेगी और वजन भी तेजी से घट सकता है। हालांकि, गेहूं की रोटी और सफेद चावल को हेल्दी विकल्पों से बदला जा सकता है। रोटी और चावल शरीर को सरल कार्बोहाइड्रेट प्रदान करते हैं, इसलिए इन्हें पूरी तरह बंद करना सही नहीं है। इसके लिए आप मिलेट्स की रोटी अपना सकते हैं, वहीं सफेद चावल की जगह सामक (व्रत में खाए जाने वाले चावल) का सेवन कर सकते हैं।
रोटी–चावल की जगह ये ऑप्शन रहेंगे बेस्ट
सुरभि पारीक का कहना है कि गेहूं की रोटी की जगह आप ज्वार, बाजरा (मिलेट्स) या रागी की रोटी खा सकते हैं। अगर आप इस तरह मिलेट्स पर शिफ्ट होते हैं, तो आपकी रोटी खाने की क्रेविंग भी पूरी होगी और साथ ही पोषण भी मिलेगा। मिलेट्स आपके अतिरिक्त न्यूट्रिशन की जरूरत को पूरा करने में मदद करते हैं। वहीं जिन लोगों का वजन अधिक है, उनके लिए सफेद चावल हेल्दी विकल्प नहीं है। ऐसे में व्हाइट राइस की जगह सामक चावल खाया जा सकता है। इससे क्रेविंग भी कंट्रोल में रहेगी और फाइबर, प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम और विटामिन जैसे पोषक तत्व भी भरपूर मिलेंगे, जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं।
डायटिशियन बताती हैं कि गेहूं की रोटी को मिलेट्स रोटी से बदलकर आप अच्छी न्यूट्रिशन वैल्यू पा सकते हैं। जहां तक चावल का सवाल है, इसे न खाने से शरीर पर कोई खास नकारात्मक असर नहीं पड़ता। ऐसे में चाहें तो चावल को डाइट से हटा सकते हैं, लेकिन अगर क्रेविंग बनी रहती है तो सामक चावल को शामिल करना एक अच्छा विकल्प है।