सही स्लीपिंग पोजीशन : क्या आप जानते हैं कि आपकी सोने की पोजीशन (Sleeping Position) सीधे तौर पर आपकी सेहत को प्रभावित कर सकती है? अगर आप गलत तरीके से सोते हैं, तो यह न सिर्फ शरीर में दर्द बल्कि चेहरे पर झुर्रियों जैसी समस्याएं भी पैदा कर सकता है। इसलिए, सही स्लीपिंग पोजीशन का चुनाव बेहद जरूरी है।तो सवाल उठता हैपेट के बल, करवट लेकर या फिर सीधा सोना, इनमें से कौनसी है सबसे सही पोजीशन?

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली: नींद जितनी जरूरी है, उतनी ही महत्वपूर्ण है सोने का तरीका। गलत पोजीशन में सोने से नींद तो खराब होती ही है, साथ ही यह आपकी सेहत पर भी बुरा असर डाल सकती है। अक्सर लोग इस दुविधा में रहते हैं कि कौनसी स्लीपिंग पोजीशन उनके लिए सबसे बेहतर होगी। आइए जानें कि कौनसी है बेस्ट स्लीपिंग पोजीशन, और अलगअलग तरीकों से सोने के फायदे और नुकसान क्या हैं।

सही स्लीपिंग पोजीशन :  करवट लेकर सोना

साइड स्लीपिंग सबसे आम और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद मानी जाती है। करवट लेकर सोने से कई फायदे होते हैं, जैसे

  • पीठ दर्द में राहत: इस पोजीशन में सोने से रीढ़ की हड्डी को बेहतर सपोर्ट मिलता है और पीठ के निचले हिस्से पर दबाव कम हो जाता है, जिससे पीठ दर्द में राहत मिलती है।
  • खर्राटों और स्लीप एप्निया में फायदेमंद: जिन लोगों को नींद के दौरान खर्राटों या स्लीप एप्निया की समस्या होती है, उनके लिए यह पोजीशन आदर्श मानी जाती है क्योंकि इससे एयरवेज खुला रहता है और सांस लेने में आसानी होती है।
  • गर्भवती महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित: डॉक्टर गर्भवती महिलाओं को बाईं करवट सोने की सलाह देते हैं, क्योंकि इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शिशु तक पोषण सही ढंग से पहुंचता है।
  • पाचन क्रिया को सुधारने में मददगार: बाईं ओर करवट लेकर सोने से पाचन तंत्र को आराम मिलता है और एसिडिटी या एसिड रिफ्लक्स जैसी समस्याएं कम होती हैं।

हालांकि, इस पोजीशन में सोने के कुछ नुकसान भी हैं, जैसे

  • कंधे और कूल्हों में असहजता या दर्द: अगर आप लंबे समय तक एक ही करवट पर सोते हैं, तो उस तरफ के कंधे या कूल्हे पर अधिक दबाव पड़ सकता है, जिससे दर्द या जकड़न महसूस हो सकती है।
  • चेहरे पर झुर्रियों का खतरा: एक ही साइड सोने से चेहरे की त्वचा पर लगातार दबाव पड़ता है, जो समय के साथ झुर्रियों और स्किन एजिंग का कारण बन सकता है।

सीधा सोना

सीधा सोना कई लोगों के लिए नेचुरल और आरामदायक होता है। लेकिन इस पोजीशन के भी अपने फायदे और नुकसान हैं, जैसे

  • रीढ़ की हड्डी के लिए सहायक: यह स्लीपिंग पोजीशन रीढ़ की हड्डी को एक संतुलित (न्यूट्रल) अवस्था में बनाए रखती है, जिससे पीठ और गर्दन के दर्द में राहत मिलती है।
  • चेहरे की स्किन के लिए फायदेमंद: क्योंकि इस पोजीशन में चेहरा तकिए से नहीं टकराता, झुर्रियों और मुंहासों (एक्ने) की आशंका कम हो जाती है।
  • एसिड रिफ्लक्स में राहत: यदि इस पोजीशन में सिर को थोड़ा ऊपर रखा जाए, तो गैस्ट्रिक एसिड ऊपर नहीं चढ़ता, जिससे एसिड रिफ्लक्स की परेशानी कम होती है।

नुकसान

  • खर्राटों और स्लीप एप्निया का खतरा बढ़ता है: पीठ के बल सोने पर जीभ पीछे की ओर सरक सकती है, जिससे वायुमार्ग संकुचित हो जाता है और सांस लेने में परेशानी होने लगती है।
  • गर्भवती महिलाओं के लिए अनुचित: लंबे समय तक पीठ के बल सोने से शरीर में रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है, जो मां और शिशु दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है।

पेट के बल सोना

पेट के बल सोना सबसे कम सुझाई जाने वाली पोजीशन है, हालांकि कुछ लोगों को यह आरामदायक लगती है, लेकिन इस पोजीशन में सोने के नुकसान ज्यादा हैं।

  • गर्दन और पीठ पर अतिरिक्त तनाव: इस पोजीशन में सोते समय गर्दन मुड़ जाती है, जिससे मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द की समस्या हो सकती है।
  • रीढ़ की प्राकृतिक संरचना पर प्रभाव: पेट के बल सोना रीढ़ की हड्डी के प्राकृतिक झुकाव को बिगाड़ सकता है, जिससे समय के साथ पीठ दर्द विकसित हो सकता है।
  • त्वचा संबंधी समस्याओं का खतरा: चेहरे को तकिए पर दबाने से स्किन पर दबाव पड़ता है, जिससे झुर्रियां, रैश और ब्रेकआउट्स की संभावना बढ़ जाती है।

सबसे अच्छी पोजीशन कौनसी है?

आमतौर पर करवट लेकर सोनाखासकर बाईं ओरसबसे बेहतर माना जाता है, खासतौर पर उन लोगों के लिए जो पीठ दर्द, गर्भावस्था या स्लीप एप्निया जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। यदि आप पीठ के बल सोते हैं, तो सिर के नीचे तकिया रखकर एसिडिटी और खर्राटों की परेशानी को कम किया जा सकता है। वहीं, पेट के बल सोने से बचना ही सबसे अच्छा विकल्प होता है, क्योंकि यह शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।

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