धीरज कुमार का निधन : सिनेमा जगत ने एक और दिग्गज को खोया भारतीय सिनेमा से एक और दुखद खबर सामने आई है। मशहूर अभिनेता और फिल्ममेकर धीरज कुमार का 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। उनके निधन की खबर ने फिल्म इंडस्ट्री को गहरे शोक में डुबो दिया है। हर कोई इस खबर से स्तब्ध और दुखी है।
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मनोरंजन डेस्क, नई दिल्ली Dheeraj Kumar Passes Away पिछले कुछ दिनों से भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में शोक का माहौल बना हुआ है। पहले साउथ सुपरस्टार कोटा श्रीनिवास और फिर बी. सरोजा देवी के निधन ने फैंस और फिल्म प्रेमियों को गमगीन कर दिया। अब हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और निर्माता–निर्देशक धीरज कुमार भी इस दुनिया को अलविदा कह गए हैं। धीरज कुमार के निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। आइए जानते हैं कि उनकी मृत्यु का कारण क्या रहा।
धीरज कुमार का निधन : अभिनेता धीरज कुमार का निधन
धीरज कुमार: हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता, निर्माता और निर्देशक का निधन हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में धीरज कुमार को एक प्रतिष्ठित अभिनेता, निर्माता और निर्देशक के रूप में जाना जाता था। बीते कुछ समय से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी, जिसके चलते उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को उनकी हालत अचानक बिगड़ गई और मंगलवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं उनके परिवार और चाहने वालों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है।
कैसे हुई धीरज कुमार की मौत?
- धीरज कुमार पिछले कुछ समय से निमोनिया से जूझ रहे थे।
- 12 जुलाई को तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
- हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू (ICU) में शिफ्ट किया गया था।
- परिवार द्वारा जारी बयान के अनुसार, 15 जुलाई को उन्होंने अंतिम सांस ली।
- हाल ही में धीरज कुमार को नवी मुंबई के इस्कॉन मंदिर में देखा गया था, जो उनकी आखिरी सार्वजनिक उपस्थिति थी।
सिनेमा में धीरज का सुनहरा योगदान
- धीरज कुमार ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1970 में फिल्म दीदार से की थी।
- लगभग 15 वर्षों के अभिनय सफर में उन्होंने 20 से अधिक फिल्मों में अपनी प्रतिभा दिखाई।
- इस दौरान हीरा पन्ना, रोटी कपड़ा और मकान, क्रांति जैसी चर्चित फिल्मों में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।
- वे एक समय राजेश खन्ना और सुभाष घई के साथ एक टैलेंट शो के फाइनलिस्ट भी रह चुके थे।
- हिंदी फिल्मों के साथ–साथ उन्होंने 1970 से 1984 के बीच 21 पंजाबी फिल्मों में भी अहम किरदार निभाए थे।
इसके अलावा, धीरज कुमार ने निर्माता और निर्देशक के रूप में भी हिंदी सिनेमा और टेलीविजन में एक सफल और लंबा सफर तय किया। विशेष रूप से 1997 में दूरदर्शन पर प्रसारित माइथोलॉजिकल टीवी सीरियल ओम नम: शिवाय के निर्देशक के रूप में उन्हें बड़ी पहचान और लोकप्रियता मिली।