घर पर मशरूम कैसे उगाएं : भारत में मशरूम आधारित डिशेज़ भी अब बहुत लोकप्रिय हो गई हैं, फिर भी मार्केट में मशरूम अक्सर महंगे दामों पर मिलते हैं. इसलिए कई लोग खुद ही इसकी खेती करने लगे हैं। आपकी भी इन्हें घर पर आसान स्टेप्स में उगाने की क्षमता है — आइए स्टेप बाय स्टेप पूरी गाइड जानते हैं।
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मशरूम एक कवक है, इसलिए इसे फल, सब्जी, नॉनवेज, अनाज या डेयरी प्रोडक्ट की श्रेणी में नहीं रखा जाता। हालांकि खाने योग्य कई किस्में मौजूद हैं, इसलिए आम बोलचाल में इसे सफेद सब्जियों की श्रेणी में रख दिया जाता है। भले ही यह फल, सब्जी या अनाज न हो, मशरूम पोषक तत्वों का बेहतरीन स्रोत है और भारत में इसके सेवन का चलन तेजी से बढ़ा है। मशरूम की तरह की सब्जी से लेकर क्रीमी सूप तक सभी के स्वाद और टेक्सचर शानदार होते हैं। ऑयस्टर और बटन मशरूम दो सबसे लोकप्रिय प्रकार हैं जो दुनिया भर में खाए जाते हैं। ये मामूली गर्म मौसम में आसानी से पनप जाते हैं और उगाने के लिए ज्यादा जगह की आवश्यकता नहीं होती — इसलिए बगैर बड़े गार्डन के भी आप इन्हें घर पर उगा सकते हैं और ताज़ा खा सकते हैं।
घर पर मशरूम उगाने के लिए आपको ज़्यादा उपकरणों या महंगी चीज़ों की ज़रूरत नहीं होती और इसके स्पॉन–बीज ऑनलाइन आसानी से और किफायती दामों पर मिल जाते हैं। उगाने में काम आने वाली सामग्री भी सस्ती है, यानी कम लागत में आप न्यूट्रिएंट्स से भरपूर मशरूम घर पर उगा कर ताज़ा खा सकते हैं। जबकि बाजार में पैक्ड मशरूम महंगे होते हैं और लंबे समय तक स्टोर किए जाते हैं। तो चलिए अब जानते हैं स्टेप बाय स्टेप कि घर पर किस तरह मशरूम उगाए जा सकते हैं और इनमें कौन–कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं।
मशरूम के हैं ढेरों फायदे
पबमेड में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मशरूम पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनमें विटामिन, मिनरल्स के साथ–साथ कई बायोएक्टिव कंपाउंड भी पाए जाते हैं। इनमें मौजूद एंटी–इंफ्लेमेटरी गुण शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा मशरूम कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने और ब्लड शुगर मैनेज करने में भी सहायक माना जाता है। कुल मिलाकर, मशरूम कई तरह से आपकी सेहत को फायदा पहुंचाने वाला सुपरफूड है।
पहले जान लें मशरूम के पोषक तत्व
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, मशरूम की 2,000 से अधिक किस्में खाने योग्य हैं। मशरूम न केवल सामान्य खाद्य पदार्थों में मिलने वाले पोषक तत्व प्रदान करते हैं, बल्कि इनमें नॉनवेज और अनाजों में पाए जाने वाले न्यूट्रिएंट्स भी मौजूद होते हैं, जैसे—नियासिन (विटामिन B3), पैंटोथैनिक एसिड (विटामिन B5), राइबोफ्लेविन (विटामिन B2), सेलेनियम, कॉपर, कैल्शियम, विटामिन D, डायटरी फाइबर और पोटेशियम। हालाँकि, हर प्रजाति में पोषक तत्वों की मात्रा थोड़ी अलग हो सकती है।
लोगों के बीच लोकप्रिय किस्मों में सफेद बटन मशरूम (जो सबसे ज्यादा खाया जाता है), शिटाके, क्रिमिनी, पोर्टबेला, स्ट्रॉ, ऑयस्टर, एनोकी, चैंटरेल्स और मोरेल शामिल हैं, जो बाज़ार में अपेक्षाकृत आसानी से मिल जाते हैं। लेकिन ताज़ा मशरूम कम ही उपलब्ध होते हैं—इसी लिए इन्हें घर पर उगाना सबसे बेहतर तरीका माना जाता है।
मशरूम उगाने के लिए सही जगह चुनें
मशरूम को उगाने के लिए ऐसी जगह सबसे उपयुक्त मानी जाती है, जहाँ कम आवाजाही हो और वातावरण शांत रहे। इसके लिए शेड वाला क्षेत्र, गैराज, अंधेरा बेसमेंट, कम रोशनी वाला कमरा या बगीचे में बना कोल्ड फ्रेम जैसी जगहें बिल्कुल सही रहती हैं। अगर आप बाहर मशरूम उगाना चाहते हैं, तो इसे क्यारियों, कंपोस्ट के ढेर या लकड़ी के लट्ठों पर भी उगाया जा सकता है, हालांकि इस तरीके में थोड़ी अधिक मेहनत और देखभाल की आवश्यकता पड़ती है।
मशरूम उगाने के लिए तैयारी
पहली बार मशरूम उगाने वालों के लिए ग्रोइंग किट मँगवाना सबसे आसान तरीका है, क्योंकि इसमें सारी आवश्यक सामग्री पहले से ही शामिल होती है और ज्यादा झंझट भी नहीं रहता। हालांकि, मशरूम उगाने के कई अन्य तरीके भी मौजूद हैं। घर पर मशरूम तैयार करने के लिए आपको एक बैग या कंटेनर की जरूरत होगी। इसके साथ गेहूं या धान का भूसा, गेहूं का चोकर और कंपोस्ट बनाने के लिए जिप्सम ले सकते हैं। अगर आपको ताज़ा कॉफी ग्राउंड आसानी से मिल जाए, तो यह और भी बेहतर होता है — इसे आप किसी कॉफी कैफे से पर्याप्त मात्रा में प्राप्त कर सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण है सही मशरूम स्पॉन (बीज) लेना, जो ऑनलाइन आसानी से उपलब्ध हैं। बस ध्यान रखें कि आप जिस प्रकार का मशरूम उगाना चाहते हैं, उसी किस्म का स्पॉन चुनें।
कैसे उगाएं मशरूम
सबसे पहले भूसे को रातभर पानी में भिगोकर रखें ताकि वह पर्याप्त नमी सोख ले, क्योंकि मशरूम एक प्रकार का कवक होता है और नमी इस प्रक्रिया के लिए बहुत ज़रूरी है।
सुबह भूसे से अतिरिक्त पानी निचोड़ दें। यदि आप 100 लीटर पानी उपयोग कर रहे हैं, तो इसमें लगभग 7 ग्राम कार्बेन्डाजिम मिला सकते हैं, जिससे भूसे में मौजूद अवांछित बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं।इसके बाद भूसे को कुछ समय के लिए किसी समतल स्थान पर फैला दें ताकि उसमें लगभग 70% नमी ही रह जाए। अब इसमें गेहूं का चोकर या जिप्सम मिलाएं।फिर इस भूसे में ऑयस्टर या वाइट बटन मशरूम का स्पॉन (जो भी बीज आपने खरीदा है) अच्छी तरह मिला दें। अब यह मिश्रण बैग या कंटेनर में भरने के लिए तैयार है।
अगर आप कंटेनर में मशरूम उगा रहे हैं, तो पहले ही उसके चारों ओर छोटे–छोटे छेद बना दें, ताकि अंकुरित होते समय स्पॉन इन्हीं छेदों से बाहर की ओर बढ़ सके।
यदि बैग का उपयोग कर रहे हैं, तो तैयार भूसा–स्पॉन मिश्रण बैग में भरें, ऊपर से कपड़े से अच्छी तरह बांधकर बंद करें, और बैग में चारों तरफ 10–15 छेद कर दें।
मशरूम की हार्वेस्टिंग कैसे करें
तैयार बैगों को 20 से 25 डिग्री तापमान वाली किसी बंद जगह पर रखें, ताकि उनमें नमी लगातार बनी रहे। बैग्स को रोज़ जांचते रहें, और जैसे ही अंकुर दिखाई देने लगें, उन पर स्प्रे की मदद से हल्की नमी दें।मशरूम बहुत तेज़ी से बढ़ते हैं—लगभग 15 दिन में छोटे–छोटे बेबी मशरूम दिखने लगेंगे, और करीब 25 दिन में वे तोड़ने लायक हो जाते हैं। हार्वेस्टिंग के समय एक तेज़ चाकू का उपयोग करें और मशरूम को साफ़–सुथरे तरीके से काट लें।
मशरूम को स्टोर करने का तरीका
अगर आपके घर में मशरूम अधिक मात्रा में उग गए हैं और आप उन्हें एक बार में इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं, तो उन्हें किसी एयरटाइट डिब्बे में बिल्कुल भी न रखें। अधिक नमी होने की वजह से वे जल्दी खराब हो सकते हैं। सबसे बेहतर तरीका है कि मशरूम को पेपर बैग में रखें या फिर फ्रिज के खुले शेल्फ पर रखकर स्टोर करें।इस तरह आसान स्टेप्स का पालन करके आप घर पर मशरूम उगा सकते हैं, कुछ ही दिनों में उनकी हार्वेस्टिंग कर सकते हैं और सही तरीके से उन्हें लंबे समय तक सुरक्षित भी रख सकते हैं।