मोहब्बत की नफ़ासत का बहाना भूल जाओगे, 
हमारे ज़ख्म देखोगे निभाना भूल जाओगे,
हमें तो 
दर्द माफिक है मौसम-ए-हिज्र में हमदम, 
इसे तुम जी के देखोगे ज़माना भूल जाओगे।

dard-itna-

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दिल कहता है मोहब्बत नहीं क़यामत है ये, 
फिर दिल की दीवार पर तेरा चेहरा क्यूँ है,
और भी ज़ख्म हैं तेरे ज़ख्मों के सिवा,
तेरे ही ज़ख्म का दाग इतना गहरा क्यूँ है।

pyar-ki-kadar

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 उसने दर्द इतना दिया कि सहा न गया, 
उसकी आदत थी इसलिए रहा न गया,
आज भी रोती हूँ उसे दूर देख के,
लेकिन दर्द देने वाले से ये कहा न गया।

shayari-bewafa-aaj-k

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हर एक हसीन चेहरे में गुमान उसका था, 
बसा न कोई दिल में ये मकान उसका था,
तमाम दर्द मिट गए मेरे दिल से लेकिन,
जो न मिट सका वो एक नाम उसका था।

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 uski-bewafai-shayari-

कभी जो हम से प्यार बेशुमार करते थे, 
कभी जो हम पर जान निसार करते थे,
भरी महफ़िल में हमको बेवफा कहते हैं,
जो खुद से ज़्यादा हमपर ऐतबार करते थे।

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