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पुलिस की सैलरी कितनी होती है Police ki Salary kitni hoti hai

पुलिस की सैलरी कितनी होती है

by Vishal Ghosh
पुलिस की सैलरी कितनी होती है

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि “पुलिस की सैलरी कितनी होती है? (police ki salary kitni hoti hai)” तथा पुलिस को कब प्रमोशन मिलता है? (police ko kab promotion milta hai) पुलिस में कितने पद होते हैं? (police mein kitne pad hote Hain)।

तो दोस्तों चलिए आज इस लेख के माध्यम से ऊपर दिए गए सभी सवालों का जवाब जानते हैं, इन सभी सवालों का जवाब जानने के लिए आप इस लेख (article) को पूरा पढ़िए ताकि आपको सभी सवालों के जवाब बारीकी से मिल सके।

पुलिस की सैलरी कितनी होती है (Police ki Salary kitni hoti hai)

दोस्तों पुलिस की सैलरी की बात की जाए तो सभी पद के पुलिस को अलग-अलग मानदेय प्राप्त होते हैं। पद के अनुसार पुलिस की सैलरी निर्धारित की जाती है, लेकिन प्रत्येक राज्य में इनकी सैलरी अलग-अलग होती है।

चलिए किसी एक राज्य को उदाहरण में लेकर देखते हैं कि “पुलिस की सैलरी कितनी होती है? (police ki salary kitni hoti hai)” प्रत्येक राज्य के पुलिस की सैलरी अलग-अलग जरूर होती है, परंतु उसमें ज्यादा डिफरेंस नहीं होता है, अर्थात एक अनुपातिक पुलिस सैलरी आप पता कर सकते हैं, किसी एक राज्य के पुलिस की सैलरी को जानकर।

Up (उत्तर प्रदेश) के उदाहरण से जानते हैं कि पुलिस की सैलरी कितनी होती है? (police ki salary kitni hoti hai)

पुलिस कांस्टेबल क्या होता है?

एक पुलिस कांस्टेबल का काम अपराधियों पर निगरानी रखना , अपने क्षेत्र के स्थानियों नागरिको के विवादों का निरक्षण करना और न्याय दिलाना इसके अलावा भी अपराधी को दंड देना या जेल भेजना भी होता है।

लोग सोचते है की एक कांस्टेबल के अंदर में इतना काम रहता है तो कांस्टेबल की सैलरी कितनी होती है यदि आपके मन में भी यह सवाल आ रहा है तो चलिए जानते हैं कि:-

पुलिस की सैलरी कितनी होती है

पुलिस की सैलरी कितनी होती है

कांस्टेबल की सैलरी कितनी होती है? (Police Constable Salary)

पुलिस फोर्स में विभिन्न पदों पर भर्ती होती है। इनमें से यूपी पुलिस कांस्टेबल का वेतन एक अच्छी खासी राशि होती है, जो इस पद को बहुत सारे उम्मीदवारों के लिए बहुत ही आकर्षक बनाती है। उम्मीदवार जो 18-22 वर्ष की आयु के बीच हैं, इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं और यूपी पुलिस में एक कांस्टेबल होने का लाभ उठा सकते हैं। यूपी पुलिस कांस्टेबल का वार्षिक वेतन लगभग 4,20,000 से 4,80,000 रुपये है।

यूपी पुलिस कांस्टेबल का वेतन सातवें वेतन आयोग के अंतर्गत में आता है। यूपी पुलिस कांस्टेबल का मासिक वेतन 30,000- 40,000 सातवें वेतन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार दिया जाता है। सातवें सीपीसी के तहत ग्रेड पे पर 7,200 रुपये, प्रारंभिक मूल वेतन पर 21,700 रुपये और सकल मासिक वेतन पर 30 से 40 हजार रुपये।

Police Constable Additional Benefits

ट्रेनिंग पूरी करने के बाद कम से कम एक वर्ष का सेवाकाल पूरा कर चुके उम्मीदवारों को यात्रा किराया भत्ता, मकान किराया भत्ता, मेडिकल सुविधा आदि राज्य सरकार की द्वारा लागू किए जाने वाले सभी सुविधाओं का लाभ दिया जाता है।

Constable Exam Pattern

सातवें वेतन आयोग के तहत वेतन निर्धारित यूपी पुलिस में कांस्टेबल की भर्ती पूरी तरह से चयन प्रक्रिया पर निर्भर करती है। इसमें चार चरण होते हैं- लिखित परीक्षा, दस्तावेज़ सत्यापन, शारीरिक माप परीक्षण और शारीरिक दक्षता परीक्षा होता है।

हालांकि कांस्टेबल की सैलरी सभी राज्यों में अलग अलग हो सकती है क्योंकि यह नौकरी राज्य सरकार के अंतर्गत आती है सभी राज्यों के लिए अपने अपने कांस्टेबल कर्मचारी नियुक्त किये जाते है। कांस्टेबल पद से यदि आपका प्रमोशन होता है, तो उस दौरान आपकी सैलरी बढ़ जाएगी।

एक कांस्टेबल के सेवानिवृत होने के बाद कितना सैलरी मिलता है

कांस्टेबल के सेवानिवृत होने के बाद उनको न तो किसी प्रकार की सैलरी मिलती और न ही उनको पेंशन मिलती है हालंकि पहले रिटायर होने वाले राज्य सरकार के कर्मचारियों को पेंशन दिया जाता था लेकिन अब यह सिस्टम बदल गया अब पेंशन नहीं मिलता सेवानिवृत के समय जो कुछ मिलना रहता है उतना ही मिल पाता है।

सब-इंस्पेक्टर की सैलरी कितनी होती है?

देश के सभी प्रदेशों में सुरक्षा का जिम्मा राज्‍य पुलिस के पास होता है। राज्यों की पुलिस के विभिन्न पदों के लिए सैलरी स्ट्रक्चर अलग-अलग हुआ करता है, जो उन्‍हें उस राज्‍य के अनुसार मिलता है।

यहां पर हम आपको उत्तर प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के तौर पर शामिल होने वाले लोगों को मिलने वाली सैलरी व उनकी जिम्मेदारियों के बारे में बताने जा रहे हैं। साथ ही आपको यह भी पता चलेगा कि उन्‍हें सैलरी के अलावा अन्य अलाउंसेस के तौर पर कितना पैसा मिलता है और क्‍या सुविधाएं मिलती हैं।

यूपी पुलिस सब इंस्पेक्टर का मूल वेतन 9300/- से 34800/- रुपये के बीच होता है। वहीं यह अन्‍य भत्‍तों व विशेषताओं के साथ 27900/- से 104400/- रुपये के बीच होता है। एक एसआई का यह वेतन 7वें वेतन आयोग के अनुसार है।

सब इंस्‍पेक्‍टर बनने पर क्या होगी जॉब प्रोफाइल व जिम्‍मेदारियां 

उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में एक पुलिस सब इंस्‍पेक्‍टर का पद काफी महत्वपूर्ण होता है। एक एसआई अपने पुलिस थाने का पूरा प्रभार संभालता है और अपने इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने का काम करता है। इसकी जिम्मेदारियां इस प्रकार हैं।

अनुशासन बनाए रखना: एक एसआई की जिम्मेदारी है कि वो अपने क्षेत्र में अनुशासन, कानून-व्यवस्था बनाकर रखे और अपराध मुक्त समाज बनाने की दिशा में काम करे।

सुरक्षा सुनिश्चित करना: सब-इंस्पेक्टर का मुख्य कर्तव्य है कि उसके क्षेत्र के सभी नागरिक सुरक्षित रहे, वह उन्‍हें पूरी तरह से सुरक्षा प्रदान करता है।

केस की जांच कर उसे सुलझाना: सब-इंस्पेक्टर के पास उसके और उसके अधीनस्थों को सौंपे गए सभी मामलों को हल करने और लोगों को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी होती है। वह घटना की जांच कर उन्‍हें सुलझाता है।

अपने वरिष्ठों को रिपोर्ट पेश करना: एसआई को सभी रिकॉर्ड लिखित प्रारूप में अपने उच्च अधिकारियों को प्रस्तुत करने होते हैं। वह जो भी जांच करता है, उसकी रिपोर्ट बनानी पड़ती है।

अपने इलाके की गश्ती करना: सब इंस्‍पेक्‍टर अपने इलाके का गश्त करता है और उसके इलाके के लोग सुरक्षित महसूस करते हैं या नहीं, इसका पता लगाता है। साथ ही किसी भी सूचना पर वह तत्काल घटना स्‍थल पर पहुंचता है। साथ ही आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई करता है।

यूपी पुलिस एसआई वेतन राशि 

मूल वेतन 35,400

महंगाई भत्ता (डी ए)(@ 17%) 6,018

मकान किराया भत्ता (एचआरए) (@ 24%) 8,496

यात्रा भत्ता (3600 + डी ए) 4,212

शहर प्रतिपूरक भत्ता (सीसीए) 360

राशन धन भत्ता (आरएमए) (@97.85 प्रति दिन) 2,936

सकल वेतन 57,422

कटौती (बीपी + डीए का 10%) + बीमा 4200

यूपी एसआई का इन-हैंड वेतन 53,222

नोट:-

  • महंगाई भत्ते की गणना मूल वेतन के अनुसार की जाती है। डीए मूल वेतन का 12 फीसदी है।
  • एचआरए हाउस रेंट अलाउंस है जो मूल वेतन का 24 फीसदी है।
  • इस कटौती में विभिन्न कर कटौती, पीएफ आदि शामिल है।
  • सब इंस्‍पेक्‍टर को पोशाक भत्‍ता, एक माह का अतिरिक्त वेतन, दिवाली बोनस व मेडिकल सुविधाएं भी मिलती हैं।
  • अधिसूचना की घोषणा के बाद यूपी पुलिस एसआई की यह वेतन संरचना भिन्न हो सकती है। साथ ही व्यक्तिगत निवेश और बचत जैसे अन्‍य कारण भी इस पर असर डाल सकते हैं।

सब इंस्पेक्टर को मिलने वाला करियर ग्रोथ

यूपी पुलिस में एसआई के रूप में शामिल होने के बाद, धीरे-धीरे उन्हें कुछ वर्षों की सेवा और नौकरी के प्रदर्शन के बाद पदोन्नत किया जाता है। प्रमोशन के बाद कोई भी नीचे दिए गए इन पदों तक जा सकता है।

  • असिस्टेंट इंस्पेक्टर
  • इंस्‍पेक्‍टर
  • एसीपी (सहायक पुलिस आयुक्त)
  • डीसीपी (पुलिस उपायुक्त)

सब इंस्‍पेक्‍टर को मिलने वाली छुट्टियां

यहां पर हम आपको यूपी पुलिस में एसआई को मिलने वाली अर्जित अवकाश, आकस्मिक अवकाश, विशेष अवकाश की जानकारी दे रहे हैं।

अर्जित अवकाश: सब इंस्‍पेक्‍टर 31 दिन की लगातार छुट्टी ले सकता है, वहीं इसमें मिलने वाली 300 दिनों तक का छुट्टी को एकत्रित कर वह इसका कैश भी करा सकता है।

आकस्मिक अवकाश: एसआई 30 दिन (जिसमें 3 दिन या 7 दिन या 10 दिन तक लगातार छुट्टी ले सकता है)

दिल्ली के उदाहरण से जानते हैं कि पुलिस की सैलरी कितनी होती है? (police ki salary kitni hoti hai)

दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर एक नॉन गजेटेड ग्रुप सी की नौकरी होती है। अब इस पद के लिए चयन स्टाफ सलेक्शन कमीशन के द्वारा किया जाता है। इसके लिए लिखित परीक्षा के साथ फिजिकल और मेडिकल जैसी कई अहम चीजों से होकर गुजरना होता है। सब-इंस्पेक्टर का मुख्य काम दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने का होता है। थाने में इंस्पेक्टर के बाद सबसे ज्यादा पावर इसी पोस्ट की होती है।

दिल्ली पुलिस के सब-इंस्पेक्टर की सैलरी कितनी होती है?

दिल्ली पुलिस के सब-इंस्पेक्टर की बेसिक सैलरी 35 हजार 400 रुपए से लेकर 1 लाख 12 हजार 400 रुपए होती है। इस नौकरी को लेवल 6 में गिना जाता है। इसका ग्रेड पे 4200 रुपए होता है।

अन्य सभी चीजें मिलाने के बाद एक सब-इंस्पेक्टर को कुल 41 हजार 231 रुपए शुरुआती वेतन मिलता है। सब-इंस्पेक्टर का ये वेतन सातवें वेतन आयोग के बाद तय होता है जिसमें केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में करीब 20-22 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी हुई है।

दिल्ली पुलिस के सब-इंस्पेक्टर का प्रमोशन कब होता है?

दिल्ली हो या देश की कोई भी पुलिस सेवा इसमें प्रमोशन कोई फिक्स नहीं होता है। आमतौर पर सब-इंस्पेक्टर के पद पर 15-18 सेवाएं देने के बाद पुलिसकर्मी का प्रमोशन हो जाता है, जिसके बाद उसे इंस्पेक्टर बना दिया जाता है।

दिल्ली में इंस्पेक्टर को ही एसएचओ भी बनाया जाता है, लेकिन हर इंस्पेक्टर एसएचओ नहीं बनता। इसके लिए कई अन्य योग्यताएं भी देखी जाती हैं। इंस्पेक्टर के पद पर 12-15 साल तक सेवाएं देने के बाद प्रमोशन मिलने पर ACP बनाया जाता है।

दोस्तों, हम उम्मीद करते है कि “पुलिस की सैलरी कितनी होती है? (police ki salary kitni hoti hai)” की पूरी जानकारी के बारे में इस आर्टिकल के जरिये आपको पता चल गया होगा।

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